Indore News: इंदौर की पिस्टल शूटर मानवी जैन की कहानी पेरू में जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य मेडल पर किया निशाना, पिता ने घर पर ही बनाई शूटिंग Range

Indore News | शूटिंग के लिए मजबूत Muscles का होना आवश्यक है। पहले, बेटी को इसके लिए तैयार किया गया। पिस्टल देने से पहले, उसने हाथ में Water Bottle पकड़कर होल्डिंग प्रैक्टिस की। Dumbbell से अभ्यास किया गया ताकि Muscles मजबूत हों। उन्हें यह भी बताया गया कि अर्जुन की तरह चिड़िया की Eye नहीं देखनी है, बल्कि Target को स्थिर रखना है। अगर पिस्टल हिलेगी तो Target मिस हो जाएगा।

यह कहना है मानवी जैन के पिता और नेशनल शूटर विवेक जैन का। हाल ही में पेरू के लीमा में ISSF (इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन) जूनियर विश्व चैम्पियनशिप 2024 में भारत ने महिलाओं की 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में सभी तीनों मेडल जीते। इस प्रतियोगिता में इंदौर की मानवी जैन ने कांस्य मेडल जीता। वर्तमान में मानवी की उम्र 18 साल है। पिता ने बेटी के लिए घर में ही Shooting Range बनवा दी। दैनिक भास्कर से विवेक जैन ने बातचीत की। जानिए, कैसे मानवी शूटिंग के क्षेत्र में आई और उनका सफर कैसा रहा। बेटी की कहानी पिता की जुबानी…

पिता बोले – पहले बैडमिंटन खेलती थी, हमने कभी शूटिंग के लिए नहीं कहा…

मानवी का जन्म 2006 में हुआ था। प्रारंभ में शूटिंग में उनकी कोई रुचि नहीं थी; वह Badminton खेलती थी और Skating भी करती थी। 12 साल की उम्र में, 2017-18 में पहली बार उसने पिस्टल थामी। मैं खुद शूटिंग का नेशनल Player रहा हूं, और उसकी मां दीपाली भी Shooting Player हैं। लेकिन हमने कभी भी उसे शूटिंग के लिए मजबूर नहीं किया।

हमारी इच्छा थी कि वह किसी एक Sport में जरूर भाग ले। घर में Medals देखकर उसका शूटिंग में Interest बढ़ा। इसके बाद तैयारी शुरू हुई। पिस्टल पकड़ने के लिए सबसे बड़ा चैलेंज होल्डिंग Capacity को बढ़ाना था। इसके लिए हाथ की Muscles को मजबूत बनाना जरूरी था। बेटी को पहले Water Bottle हाथ में पकड़ा कर प्रैक्टिस करवाई गई। धीरे-धीरे वह सीखती गई। 2018 में, उसने पहली बार State Level पर शूटिंग में Medals जीते। इससे उसका Confidence भी बढ़ा, और वह लगातार Competitions खेल रही है। उसे Olympic Games में भारत के लिए Medals जीतने की इच्छा है।

2018 में घर पर ही बनवाई Shooting Range

बेटी ने 2017-18 में शूटिंग की शुरुआत की थी। तब से, शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए घर में Shooting Range तैयार की गई। मानवी का Schedule सुबह 5.30 बजे से शुरू होता है। वह 1 घंटे पिस्टल होल्डिंग की प्रैक्टिस करती है, इसके बाद दो घंटे निशाना लगाने की प्रैक्टिस करती है। दिन में उसे Rest और पढ़ाई भी करनी होती है। Diet का भी खास ध्यान रखा जाता है। शाम को 4.30 से 7.30 बजे तक फिर शूटिंग की प्रैक्टिस होती है। मानवी ने सत्या साई स्कूल से 12वीं पास की है और Graduation के लिए Mass Communication सब्जेक्ट लिया है।

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