Political News : रामबिलास शर्मा को बधाइयां मिल रही थीं, लड्डू बंट गए; ऐन मौके पर संदेश मिला- आप खट्टर के नाम का proposal रखिए

रामबिलास शर्मा को बधाइयां मिल रही

Political News | 19 अक्टूबर 2014, हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। 90 सीटों में से 47 सीटें जीतकर BJP ने पहली बार खुद के दम पर majority हासिल किया। अब बारी थी Chief Minister चुनने की। सियासी गलियारों में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में थे। एक BJP प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा और दूसरा BJP के सीनियर नेता अनिल विज।

21 अक्टूबर को विधायक दल की meeting होने वाली थी। उससे पहले ही रामबिलास शर्मा के महेंद्रगढ़ आवास पर security बढ़ा दी गई। हरियाणा में अब ये चर्चा तेज़ हो गई कि रामबिलास Chief Minister बनने वाले हैं।

रामबिलास शर्मा के गांव में मिठाइयां बांटी जाने लगीं। लोग फोन करके उन्हें बधाई देने लगे। रामबिलास के करीबी ने Bhaskar को बताया कि तब के केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने भी शर्मा को CM बनने की बधाई दी थी।

दोपहर बाद विधायक दल की meeting हुई। meeting में वे तमाम चेहरे थे जो CM बनने की रेस में शामिल थे। दिल्ली से केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा बतौर observer meeting में शामिल थे।

इसी दौरान नायडू के फोन की घंटी बजी। उन्होंने कुछ देर बात करने के बाद रामबिलास शर्मा को phone पकड़ा दिया। फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे। शर्मा बताते हैं – PM मोदी ने मुझसे कहा – आपको विधायक दल की meeting में मनोहर लाल खट्टर का नाम Chief Minister के लिए propose करना है।

रामबिलास ने वैसा ही किया। मनोहर लाल खट्टर के नाम पर विधायकों की मुहर लग गई। इस तरह रामबिलास शर्मा Chief Minister की कुर्सी के काफी करीब पहुंचकर भी उसे हासिल नहीं कर पाए।

दैनिक भास्कर की स्पेशल सीरीज ‘जो CM बनने से चूके’ में कहानी रामबिलास शर्मा की…

25 जुलाई, 1951 को हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव राठीवास में रामबिलास शर्मा का जन्म हुआ। पिता जयराम शर्मा किसान थे। महेंद्रगढ़ डिग्री कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वे RSS के प्रचारक राजिंदर सिंह के संपर्क में आए और संघ की शाखा में जाने लगे।

साल 1970, रामबिलास शर्मा रोहतक में संघ के प्रशिक्षण वर्ग में थे। पिता की जिद पर 15 जून 1970 को वे घर आए और उनकी शादी करा दी गई, लेकिन अगले ही दिन वे फिर से रोहतक प्रशिक्षण वर्ग में चले गए। 29 जून को 9 लोग संघ के प्रचारक बने। उनमें एक रामबिलास शर्मा भी थे।

इसके बाद वह संघ की झंडेवालान शाखा की जिम्मेदारी संभालने दिल्ली चले गए। उन्होंने भिवानी के किरोड़ीमल कॉलेज से B.Ed. किया। अपना खर्चा चलाने के लिए वे रात में Guard की नौकरी करते थे।

बाद में रामबिलास शर्मा को कुरुक्षेत्र में प्रोफेसर की नौकरी मिल गई। 1974 में जयप्रकाश नारायण के movement में शामिल हो गए। तभी उनकी मुलाकात हरियाणा में जनसंघ के वरिष्ठ नेता डॉ. मंगलसेन से हुई और उनके कहने पर 1974 में ही प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर उनके साथ रोहतक आ गए।

इमरजेंसी में लालू से दोस्ती, उनका Nomination फॉर्म भी भरा

25 जून, 1975 को देश में Emergency लग गई। रामबिलास रोहतक में संघ का काम देख रहे थे। नवंबर 1975 में संघ की तरफ से आठ लोगों की टीम इमरजेंसी का विरोध करने सड़कों पर उतरी। अपने साथियों के साथ रामबिलास शर्मा भी सड़क पर उतर आए। पुलिस ने उन्हें Arrest कर लिया।

एक interview में शर्मा बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें इतनी बुरी तरह पीटा कि वे बेहोश हो गए। चार घंटे बाद जब उन्हें होश आया तो उनके मुंह, नाक और कान से खून निकल रहा था। पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे।

रामबिलास को चार दिन की रिमांड पर झज्जर Jail में रखा गया। 4 दिसंबर को जज के सामने पेश करके शर्मा को अंबाला Interrogation सेंटर में रिमांड पर भेजा गया। शर्मा इस सेंटर की यादों को जीवन का सबसे दर्दनाक दौर बताते हैं। यहां उन्हें इतना टॉर्चर किया गया कि एक महीने तक वे रोहतक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे।

इलाज के बाद शर्मा को पहले रोहतक और फिर अंबाला Jail भेज दिया गया। 1977 में उन्हें बिहार की गया Jail में शिफ्ट कर दिया गया। यहां सवा 6 फीट के शर्मा को 5 फीट की कोठरी में रखा गया।

शर्मा जिस Jail में बंद थे, लालू प्रसाद यादव को भी उसी Jail में रखा गया था। जब लालू यादव ने छपरा सीट से Lok Sabha चुनाव लड़ा, तो उनका Nomination फॉर्म शर्मा ने ही Jail में रहते हुए भरा था। 21 मार्च 1977 को रामबिलास शर्मा को Jail से रिहा कर दिया गया।

जब अटल ने कहा- सुषमा…रामबिलास जो चाहते हैं, करने दीजिए

एक interview में रामबिलास शर्मा बताते हैं- ‘1991 की बात है। ओमप्रकाश चौटाला की सरकार गिर चुकी थी। राज्य में Assembly चुनाव होने थे। एक रोज सुषमा स्वराज के घर Meeting हुई। उसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी थे। सुषमा जी का कहना था कि हमें हरियाणा में गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहिए।

वे मुझसे कह रही थीं कि या तो बंसीलाल की पार्टी से गठबंधन कर लो या चौटाला के साथ चले जाओ, लेकिन मेरी जिद थी कि हम सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे। मैंने उनसे बताया कि मरने से पहले डॉ. मंगल सेन मुझसे कह गए हैं कि पूरी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करो।

उसके बाद अटल जी ने कहा कि अब रामबिलास पर pressure मत बनाइए। इसके लिए श्रद्धा का विषय है। उसके बाद हम महम को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर चुनाव लड़े। हम सिर्फ दो सीट ही जीत पाए, लेकिन अकेले लड़ना हमारे लिए फायदेमंद रहा।’

हालांकि पांच साल बाद यानी 1996 में BJP ने बंसीलाल की पार्टी Haryana विकास पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया। 25 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली BJP ने 11 सीटें जीत लीं। रामबिलास शर्मा Education Minister बने।

मोदी के करीबी होने की वजह से खट्टर को मिली CM की कुर्सी

मनोहर लाल खट्टर पार्टी और संगठन के कामों के चलते सालों तक हरियाणा से बाहर थे। 2014 के Lok Sabha चुनाव से पहले ही उन्हें वापस बुलाकर चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया। नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने तो कयास लगाए जाने लगे कि मोदी के करीबी मनोहर लाल खट्टर को हरियाणा में सरकार आने पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

हालांकि रामबिलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु, अनिल विज जैसे दिग्गज नेता दशकों से पार्टी के लिए मेहनत कर रहे थे। चुनाव जीतने पर उन्हें ही CM की दौड़ में आगे माना जा रहा था।

वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी बताते हैं- ‘21 फरवरी, 2014 को मैंने अपनी Facebook पोस्ट में मनोहर लाल के CM बनने से जुड़े संकेत दे दिए थे। मैंने लिखा था कि अगर BJP सरकार बनाने की स्थिति में आई तो मनोहर लाल मुख्यमंत्री हो सकते हैं।’

कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल एक media interview में बताते हैं- ‘2013 की बात है। एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा नीचे बैठकर प्रसाद ले रहे थे, तो रामबिलास शर्मा ने अपने हाथों से हुड्डा जी को लड्डू परोसा। इस पर उनके विरोधियों ने photo खींचकर BJP High Command को भेज दी। ऐसा दिखाया गया कि रामबिलास, हुड्डा जी के खेमे में हैं। शायद उनके CM न बनने के पीछे ये भी एक वजह रही।’

Leave a Reply